जिलाधिकारी, डॉ आदित्य प्रकाश के द्वारा सदर अस्पताल नव निर्मित 10 बेड वाले बच्चा वार्ड का उद्घाटन किया गया

पीडिऐट्रिक वार्ड में 10 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड की व्यवस्था

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कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर सदर अस्पताल में 10 बेड की व्यवस्था*

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले में राहत व बचाव के क्रम में अब सदर अस्पताल में चाइल्ड फ्रेंडली डेडिकेटड पीडिऐट्रिक वार्ड बनाया गया है.. ……
जिला पदाधिकारी, डॉ आदित्य प्रकाश ने सदर असपताल में नव निर्मित 10 बेड वाले बच्चा वार्ड का विधिवत उद्घाटन किया गया ।संक्रमण के तीसरे वेब की तयारी के उद्देश्य से जिलाधिकारी के निर्देश पर यह वार्ड का निर्माण करवाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया की ने बच्चा वार्ड का निर्माण चाइल्ड फैंडली डेडिकेटड पीडिऐट्रिक वार्ड के तर्ज पर कराया गया है, जिसमे इंटेंसिव केयर यूनिट की भी व्यवस्था रहेगी। वेंटिलेटर तथा अन्य आधुनिक तकनीकी की सहायता से यहां जिलेवासियों का इलाज किया जाएगा। उद्घाटन समारोह मे सिविल सर्जन डॉ श्रीनंदन , डॉ मुनाजिम जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्वास्थ्य , प्रशान्जित विस्वास डी टी एल केयर इंडिया ,एजाज एहमद एस एम् सी , यूनिसेफ एवं डॉ अमित राव डब्लू एच ओ एवं स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

*पीडिऐट्रिक वार्ड में 10 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड की व्यवस्था*
सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया की नव निर्मित चाइल्ड फैंडली डेडिकेटड पीडिऐट्रिक वार्ड में 10 बेड पूरी तरह से वातानुकूलित एवं पाइपलाइन ऑक्सीजन युक्त रहेंगे. जरूरत के अनुसार इन बेड की संख्या भविष्य में बढ़ाई जा सकती है।वार्ड में 2 से 05 वर्ष बच्चों के उपचार हेतु आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

*चिकित्सा कर्मी एवं पारामेडिकल कर्मी 24 घंटे रहेंगे तैनात*

सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया की वार्ड में चिकित्सक एवं पारामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की गयी है, जो रोस्टर के अनुसार चौबीसों घंटे रहकर कार्य करेंगे। साथ ही, डॉक्टर ड्यूटी रुम, कंट्रोल रुम, ऑक्सीजन रुम व हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गयी है।आमजनों को हॉस्पिटल भवन खोजने में दिक्कत ना हो, इसलिए प्रवेश द्वार से ही हॉस्पिटल तक पहुंचने के लिए जगह जगह रास्ते में साइनेज लगाया गया है।वार्ड में शौचालय की व्यवस्था की गई है, जिसकी नियमित साफ सफाई हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। वार्ड में चिकित्सीय सेवा प्रदान करने हेतु डॉक्टर और सपोर्टिंग पारा मेडिकल स्टॉप को चिन्हित करते हुए लगाया गया है।वार्ड को बिल्डिंग एज लर्निंग ऐड के तर्ज तैयार किया गया है।वार्ड का वातावरण जिस प्रकार तैयार किया गया है कि छोटे बच्चों को वहां घर जैसा माहौल प्राप्त हो सके ताकि बच्चे किसी प्रकार के अकेलापन महसूस नहीं करेंगे। वार्ड की दीवारों को प्रेरणादायक एवं छोटे-छोटे स्लोगन दर्शाए गए हैं, ताकि उस वार्ड में रहने वाले बच्चों खुश रह सकेंगे तथा उन्हें बीमारी से भी ऐसा प्रतीत हो सकेगा कि वह अपने घर और स्कूल में हैं ना कि अस्पताल में।

*अस्पताल आने के दौरान रहे सावधान*:

सिविल सर्जन, डॉ श्री नंदन ने उद्घाटन समारोह में कहा की चिकित्सकीय सुविधा के लिए मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। संक्रमण के मद्देनजर आवश्यक होने पर ही अस्पताल जाने का प्रयास करें । निजी वाहन से अस्पताल जाना बेहतर होगा। इससे संक्रमण का खतरा कम हो सकेगा अन्य वाहनों पर जाने पर अन्य लोगों से बातचीत नहीं करें। दूरी बनाए रखें। अस्पताल जाने पर भी एहतियातन कदम उठाते हुए अस्पताल के अन्य चीजों को अनावश्यक रूप से ना छुएं। डॉक्टर से परामर्श के बाद सुरक्षित रूप से घर चले आए रास्ते मे हमेशा मास्क पहने हुए रहे। घर आने पर हाथ को अच्छी तरह से साबुन से धो ले।

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