इधर जाऊँ या उधर जाऊँ

(महागठबंधन में जाऊँ या जहाँ हूँ वहीं रह जाऊँ )
पारस के लोजपा से अलग गुट बनाये जाने के बाद लोजपा के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान जदयू से नाराज होने के साथ इस कठिन दौर में भाजपा किचुप्पी से काफी आहत हुए हैं। जनशक्ति पार्टी में मचे आंतरिक घमासान के बीच अन्य दल भी इसका अलग -अलग लाभ उठाने में जुट गए हैं। बिहार में सत्तारूढ़ जनतादल यूनाइटेड जहाँ अलग गुट सांसद पशुपति पारस को अपनी पार्टी का हिस्सा बनाने में लगी है तो दूसरी तरफ राजद लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। राजद चिराग को महागठबंधन में शामिल कर इन वोटों को महागठबंधन से जोड़ना चाहती है। तेजस्वी और चिराग एक साथ हो जायँ तो सत्तापक्ष को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। जनता कि निगाहें बता रही हैं कि चिराग और तेजस्वी को एक साथ आने के बाद राज्य का सियासी समीकरण अवश्य बदलेगा। अब चिराग को तय करना है कि किसके साथ रहना है,महागठबंधन के साथ या बाबा साहेब के संविधान के साथ,क्योंकि कयास लगाया जा रहा है कि चिराग उस गठबंधन में नहीं जायेंगे जहाँ उनके चाचा पारस होंगे। ऐसे में राज्य में नए समीकरण के आसार दिखने लगा है।

नरेंद्र कुमार
पश्चिम चम्पारण

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